इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों पर तीखा हमला बोला।प्रतिवाद सभा की अध्यक्षता माले के युवा नेता बाबू साहब सिंह ने की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार गरीब भूमिहीनों को रहने के लिए जमीन नहीं देती, लेकिन अडानी समूह को सिर्फ 1 रुपये प्रति एकड़ सालाना पर हजारों एकड़ जमीन सौंप रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से अडानी समूह से बिजली खरीदने का करार किया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा
